नाशिक सिंहस्थ कुंभ विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में से एक है, जहाँ करोड़ों श्रद्धालु पुण्य स्नान, संत दर्शन एवं धार्मिक अनुष्ठानों का लाभ प्राप्त करते हैं।
शाही स्नान सिंहस्थ कुंभ का सबसे महत्वपूर्ण एवं पवित्र आयोजन माना जाता है। इस अवसर पर देशभर के विभिन्न अखाड़ों के संत, महंत एवं नागा साधु पारंपरिक पेशवाई एवं शोभायात्रा के साथ गोदावरी नदी में स्नान करते हैं। श्रद्धालु भी इस शुभ अवसर पर स्नान कर पुण्य लाभ प्राप्त करते हैं।
| शाही स्नान | तिथि | अवसर | स्थान |
|---|---|---|---|
| 🕉️ प्रथम शाही स्नान | 2 अगस्त 2027 (सोमवार) | आषाढ़ सोमवती अमावस्या | रामकुंड (नाशिक) एवं कुशावर्त कुंड (त्र्यंबकेश्वर) |
| 🕉️ द्वितीय (मुख्य) शाही स्नान | 31 अगस्त 2027 (मंगलवार) | श्रावण अमावस्या | रामकुंड एवं कुशावर्त कुंड |
| 🕉️ तृतीय शाही स्नान |
11 सितम्बर 2027 – नाशिक 12 सितम्बर 2027 – त्र्यंबकेश्वर |
भाद्रपद शुक्ल पक्ष | रामकुंड एवं कुशावर्त कुंड |
श्री कपिल महामुनी आश्रम श्री क्षेत्र कपिलधारा तीर्थ- 2026 सर्वाधिकार सुरक्षित